डायरियों में बन्द हमारे तुम्हारे कुछ शब्दों से...
दिल में दद्र इतना था के भुला न सके,
दिल पर जो जख्म था दिखा न सके।
मौहब्बत में यारो हमने इतनी चोट खाई,
के अपना हाले दद्र भी उनको सुना न सके॥
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