डायरियों में बन्द हमारे तुम्हारे कुछ शब्दों से...
अपनी आँखो से पीला दे साखी,
और जी लेंगे सारे द्रद बुला कर साखी।
प्यार के या न कर बस आँखो से पीलाये जा,
हम तुम्हे अपनी यादो में बसा लेगें साखी॥
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